आलमारी का भूत
शीर्षक आलमारी का भूत
राजेश अपने परिवार के साथ शहर में घर के सामान खरीदने के लिए गया था जहा से उसने जरूरतमंद का सामान खरीदा और आगे की दुकान तरफ बड़ा जहा पर उसकी नजर एक आलमारी में पढ़ी और दुकानदार से कहा "सुप्रभात भैया यह आलमारी के बारे में बताइए "
तब दुकानदार वाले ने कहा "आपको भी सुप्रभात भैया यह आलमारी बहुत साल पुरानी है पर इसे अब तक कोई खरीद नही पाया है "।
तब राजेश ने इस आलमारी को खरीदने की इच्छा जाहिर की और इसे अपने घर में ले आया।
घर में पहुंचने के बाद सब सामान व्यवस्थित करने लगे और अंत में यह आलमारी भी बच गई थी जो राजेश ने अपने कमरे मे रखी।
रात के समय में सभी लोग खाना खाकर जल्दी सो गए थे क्योंकि उन्हें थकान महसूस हो रही थी और राजेश भी अपने कमरे मे सो रहा था
कुछ समय के बाद उसे कुछ आवाजे सुनाई दे रही थी और राजेश ने उठकर देखा की यह आवाज कहा से आ रही थीं तो उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
अगली सुबह जब सभी लोग उठे तब यह बात राजेश ने सभी घर के सदस्यों को बताई और कहा "आप सभी ने भी कुछ आवाज सुनी थी क्या?" तब राजेश की बातो का जवाब देते हुए सभी सदस्य ने कहा " नही हम सभी ने ऐसी आवाजे नही सुनी।
राजेश अपने मन में सोचते हुए शायद यह मेरा वहम हो या कुछ और मुझे पता लगाना होगा।
फिर उसी रात को जब राजेश अपने कमरे मे सो रहा था तब आधी रात में वही आवाज सुनाई दे रही थी तब राजेश उठा और कहा कौन है,कौन है ?यह किसकी आवाज है? जरा सामने भी आओ।
तब आलमारी तरफ से आवाज आई मेरे करीब आओ, मुझे निकालो यहां से ,मेरी मदद करो, मुझे मुक्ति दो।
तब धीरे धीरे राजेश आलमारी की तरफ बढ़ते हुए कहता है
कौन हो तुम और फिर आलमारी भी फिर से वही बात कहती है।
राजेश (डरकर कापते हुए) आलमारी को खोलता है और खोलकर थोड़ा आश्चर्य में पढ़ जाता हैं।
आलमारी से एक औरत निकलती है और राजेश से कहती हैं
"धन्यवाद राजेश तुमने आज इस आलमारी को खोलकर मुझे यहां से निकाला "।
राजेश (डरते हुए कहता है) "आप कौन हो और यहां सब कैसे आए और इस तरह से बंद किसने करके रखा था"।
तब वह महिला कहती है घबराने की जरुरत नहीं है मैं तुम्हे कुछ नहीं करूंगी तुमने मेरी मदद की है और मैं भी तुम्हारी मदद ही करूंगी।
मैं एक भूत हु जो इस आलमारी में कैद थी।
मेरी मौत करीबन 50 साल पहले हो चुकी है और मेरे कुछ दुश्मनों ने मेरी हत्या करके इस आलमारी में कैद कर दिया था।
राजेश कहता है " अब तुम तो बाहर आ चुकी हो "
अब तुम मुझसे क्या चाहती हो ?
महिला भूत ने कहा "मैं चाहती हु मुझे इंसाफ मिले जिसमें तुम मेरी मदद कर सकते हो यानी की मैं तुम्हारी मदद चाहती हु।
राजेश : अच्छा ठीक है,मैं तैयार हु। पर तुम्हे उन्होंने क्यो मारा था?
महिला भूत: मैने उनके काले कारनामे का पता लगाया था और मैं उनकी रिपोर्ट लिखाने जा रही थी तब उन्होंने मुझे पकड़ लिया था और मेरी हत्या कर दी थी।
राजेश : किस तरह के काले कारनामे?
महिला भूत: वह नशीले पदार्थ का सेवन हमारी खाद सामग्री में मिलाकर बेचना चाहते थे?
राजेश : यह तो गलत हुआ पर अब तुम उनके साथ क्या करना चाहती हो?
महिला भूत: मुझे इंसाफ चाहिए और मैं उन्हें और उनके कारनामों को मिटाना चाहती हु।
राजेश: में तुम्हारे साथ हू।
राजेश महिला भूत की बात जानकर उन काले कारनामे वालो की खोज में निकल गया और धीरे धीरे करके सभी लोग उसे मिलते गए।
राजेश ने उन्हें महिला भूत के हवाले कर दिया और महिला भूत ने उनका खात्मा कर दिया और फिर राजेश ने इन काले धंधे को भी बंद कर दिया।
अंत समय में राजेश महिलाभूत के पास जाकर कहता है
तुम जो चाहती थीं वैसा हो गया अब आगे की क्या योजना है?
महिला भूत कहती हैं कि आज मुझे मुक्ति मिल गई है मुझे इंसाफ मिल गया है मैं तुम्हारी शुक्रगुजार हु जो तुमने मेरी मदद करी।
मैं काफी सालों से कोशिश करती रही कोई आएगा इस आलमारी को खरीदेगा और मेरी बात सुनकर मेरी मदद करेगा।
और उस समय तुमने आलमारी को लाया मेरी बात सुनी और मेरी मदद भी की।
इन सभी के लिए मैं तुम्हारा धन्यवाद चाहती हु।
मेरी अंतिम इच्छा तुमसे विदा लेने से पहले यह है कि यदि इस देश में कही भी कुछ गलत हो रहा हो और तुम्हे इसके बारे में पता चले तो तुम उसको रोकना उसका विरोध करना उस काले कारनामों को दूर करना।
राजेश कहता है यदि तुम चली गई तो मैं यह सब कैसे कर पाऊंगा?
महिला भूत कहती हैं कि यदि तुम किसी परेशानी में फसे हो तब उस समय मैं तुम्हारी मदद करने आऊंगी।
राजेश कहता है अच्छा तो फिर ठीक है मैं तुम्हारी इस अंतिम इच्छा का पुरा ध्यान रखूंगा।
महिला भूत राजेश से विदा लेकर मुक्त हो जाती हैं और उसकी आत्मा को शांति मिल जाती है।
Priyanshu choudhary
#प्रतियोगिता हेतु
Reyaan
07-Feb-2024 07:59 PM
Nice one
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Shnaya
07-Feb-2024 07:40 PM
Nice
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Gunjan Kamal
07-Feb-2024 06:40 PM
👏👌
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